देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड: बसपा MLA का पति अरेस्ट
भोपाल
मार्च 2019 में दमोह के बहुचर्चित देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड के आरोपी बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे भिंड बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया। गोविंद सिंह पर पचास हजार रुपए का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के बाद उसे ग्वालियर लाया गया। पूछताछ के बाद उसे दमोह ले जाया गया। जहां की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया।
एडीजी एसटीएफ विपिन माहेश्वरी ने बताया कि ग्वालियर एसटीएफ को सूचना मिली थी कि गोविंद सिंह परिहार सुबह भिंड बस स्टैंड के पास आने वाला है। इधर, पुलिस गोविंद की गिरफ्तार का दावा कर रही है, वहीं विधायक रामबाई ने कहा है कि उनके पति ने समर्पण किया है। गोविंद सिंह ने भी वीडियो जारी कर कहा कि वह सरेंडर कर रहा है। चौरसिया हत्याकांड पर उसने वीडियो में कहा कि इस घटना की उसे जानकारी ही नहीं है। हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाए और यदि वह दोषी पाया जाता है कि तो चौराहे पर फांसी दे दी जाए।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद पुलिस ने फिर से बनाया था आरोपी
देवेंद्र चौरसिया की हत्या के आरोपी गोविंद सिंह परिहार फरारी के दौरान राजस्थान से लेकर जम्मू तक देव स्थानों पर घूमता रहा। इस दौरान वह मेहंदीपुर बालाजी भी गया। वैष्णो देवी भी गया, हरिद्वार कुंभ में भी वह शामिल हुआ। इसके बाद वह दिल्ली आ गया था। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में उसने यह बताया है। वह अपना मोबाइल फोन भी अधिकांश समय बंद रखता था।
एसटीएफ एडीजी विपिन माहेश्वरी ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए एसटीएफ की आधा दर्जन टीमें लगाई गई थी। वहीं दमोह और ग्वालियर पुलिस की टीमें भी गोविंद सिंह परिहार को पकड़ने के लिए लगाई गई थीं। इस दौरान पता चला था कि वह राजस्थान में हैं, वहां की पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद वह वैष्णोदेवी चला गया, हरिद्वार भी गया। शनिवार को वह दिल्ली में था। जहां पर वह एक होटल में रुका था। उसने शनिवार को 11 बजे होटल से चैक आउट किया था। बताया जाता है कि दिल्ली से वह सीधे भिंड पहुंचा था।
इस मामले में गोविंद सिंह को दमोह पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी। जिसे लेकर फरियादी पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गोविंद सिंह को फिर से आरोपी बनाया गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार करने के प्रयास शुरू किए गए। कुछ दिन पहले फिर सुप्रीम कोर्ट में इस मामले डीजीपी की ओर से एफिडेविट पेश किया गया, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा था कि यदि पुलिस गोविंद सिंह परिहार को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है तो बताए। अब इस मामले में अगली सुनवाई पांच अप्रैल को होना है।
हटा के कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया, महेश चौरसिया और सोमेश चौरसिया पर 15 मार्च 2019 को डामर प्लांट आॅफिस के पास धारदार हथियारों और लोहे के सरिया से कुछ लोगों ने हमला किया गया। देवेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमेश की शिकायत पर हटा थाने में गोविंद सिंह, चंदू सिंह, गोलू सिंह, लोकेश सिंह के खिलाफ आईपीसी की 302, 323, 324, 392, 506, 120बी, 102 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। तब पुलिस ने जांच में गोविंद सिंह को आरोपी ना मानते हुए उन्हें राहत दे दी थी।

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